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रात के किराए की कमाई पर इनकम टैक्स: मकान की आय या कारोबार?

ज़्यादातर मालिक रात के किराए को मकान संपत्ति से आय में दिखाएँगे। होटल की तरह चलने वाला होमस्टे एक कठिन सवाल खड़ा करता है। हम दोनों नज़रिए ईमानदारी से सामने रखते हैं।

मुंबई
फ़ोटो : मुंबई — Rutiknatekar, CC BY-SA 4.0, Wikimedia Commons

1 अप्रैल 2026 से भारत में आयकर, आयकर अधिनियम, 2025 से चलता है, जिसने 1961 के क़ानून की जगह ली है। नया क़ानून टैक्स ईयर की एक ही अवधारणा रखता है — 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के बारह महीने — और आय के पाँच मद रखता है: वेतन, मकान संपत्ति से आय, व्यापार या पेशे का लाभ, पूँजीगत लाभ और अन्य स्रोतों से आय। शॉर्ट-टर्म रेंटल के मालिक के लिए पूरी बहस दूसरे और तीसरे मद के बीच है।

पहला नज़रिया: मकान संपत्ति से आय

इस मद में टैक्स आपकी अपनी इमारत के वार्षिक मूल्य पर लगता है। मोटा हिसाब कुछ ऐसा है:

इसका फ़ायदा है सरलता — हर ख़र्च का हिसाब रखने की ज़रूरत नहीं, सीधी 30% छूट। नुक़सान यह कि व्यस्त रेंटल में सफ़ाई, चादरें, कमीशन, बिजली-पानी और मरम्मत का असली ख़र्च 30% से ज़्यादा हो सकता है, और वह अलग से नहीं घटता।

2024 का स्पष्टीकरण

वित्त (संख्या 2) अधिनियम, 2024 ने 1961 के क़ानून की धारा 28 में स्पष्टीकरण 3 जोड़ा, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू है: मालिक द्वारा रिहायशी मकान या उसके हिस्से को किराए पर देने से हुई आय "व्यापार या पेशे के लाभ" में नहीं गिनी जाएगी। मक़सद यह था कि लोग साधारण किराए को बिज़नेस इनकम दिखाकर ज़्यादा कटौतियाँ न लें। जो मालिक सिर्फ़ एक फ़्लैट किराए पर देता है, उसके लिए संकेत साफ़ तौर पर मकान संपत्ति की ओर है।

दूसरा नज़रिया: व्यापार की आय

इस संशोधन से पहले अदालतों ने माना था कि कुछ मामलों में किराए पर देना भी कारोबार हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने Chennai Properties and Investments मामले में कहा कि जहाँ संपत्तियाँ किराए पर देना ही करदाता का मुख्य कारोबार हो, वहाँ आय व्यापार की आय है। खाना, रोज़ाना हाउसकीपिंग, रिसेप्शन और स्टाफ़ वाला होमस्टे चलाने वाले कुछ मालिक तर्क देते हैं कि वे मकान किराए पर नहीं दे रहे, बल्कि मेहमाननवाज़ी की सेवा बेच रहे हैं। इस मद में असली ख़र्च और मूल्यह्रास घटते हैं, पर खाते-बही रखने होते हैं और नियम ज़्यादा सख़्त हैं।

2024 का स्पष्टीकरण सचमुच होटल जैसे कामकाज तक कितना पहुँचता है, यह हम पक्के तौर पर नहीं कह सकते — यह इस पर निर्भर है कि प्रॉपर्टी कैसे, किसके द्वारा और किसके नाम पर चलती है। ठीक यही सवाल चार्टर्ड अकाउंटेंट को आपके तथ्य देखकर तय करना चाहिए।

आम तौर पर किन बातों पर विचार होता है

काग़ज़ात हर हाल में संभालें

मद कोई भी हो, पूरे टैक्स ईयर के प्लेटफ़ॉर्म पेआउट स्टेटमेंट, इनवॉइस, बैंक में आई रकम, नगरपालिका कर की रसीदें और लोन ब्याज प्रमाणपत्र रखें। प्लेटफ़ॉर्म स्टेटमेंट में कुल बुकिंग मूल्य, कमीशन और टैक्स अलग-अलग दिखते हैं — अकाउंटेंट को तीनों चाहिए।

हम समझाते हैं, सलाह नहीं देते। रिटर्न भरने से पहले मद का चुनाव, कटौतियाँ और NRI से जुड़े मुद्दे किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से ज़रूर चर्चा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

airbnb income pe tax kitna lagta hai?

यह आपके कुल आय स्लैब पर निर्भर है। मकान संपत्ति से आय के रूप में शुद्ध वार्षिक मूल्य से 30% मानक कटौती और तय सीमा में लोन ब्याज घटता है, फिर बाक़ी रकम आपकी कुल आय में जुड़ती है।

किराए की आय पर मानक कटौती कितनी है?

मकान संपत्ति से आय में शुद्ध वार्षिक मूल्य (वार्षिक मूल्य घटा चुकाया गया नगरपालिका कर) का 30%, असली ख़र्च चाहे जो हो।

क्या मैं Airbnb की आय को बिज़नेस इनकम दिखा सकता हूँ?

1 अप्रैल 2025 से क़ानून कहता है कि मालिक द्वारा रिहायशी मकान किराए पर देना व्यापार की आय नहीं है। सेवाओं वाले होमस्टे का विश्लेषण तथ्यों पर अलग हो सकता है — यह चार्टर्ड अकाउंटेंट ही तय करें।

अप्रैल 2026 से कौन-सा क़ानून लागू है?

आयकर अधिनियम, 2025, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है और टैक्स ईयर शब्द का प्रयोग करता है।

स्रोत

अपडेट 27/09/2026 — नियम बदलते रहते हैं: हमेशा नवीनतम आधिकारिक पाठ देखें।

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