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होमस्टे पर GST: दरें, इनपुट क्रेडिट और प्लेटफ़ॉर्म का नियम

ठहरने पर GST दो बातों से तय होता है — हर यूनिट का एक दिन का मूल्य, और यह कि आप रजिस्ट्रेशन के लिए बाध्य हैं या नहीं। इस पेज पर दोनों बातें विस्तार से।

मुंबई
फ़ोटो : मुंबई — Rutiknatekar, CC BY-SA 4.0, Wikimedia Commons

GST की नज़र में मेहमान को कुछ रातों के लिए कमरा या पूरा घर देना "आवास सेवा" है। सरकारी अधिसूचनाओं में इस श्रेणी का वर्णन होटल, सराय, गेस्ट हाउस, क्लब, कैंपसाइट या रहने-ठहरने के लिए बनी अन्य व्यावसायिक जगहों में आवास के रूप में किया गया है। रात के हिसाब से दिया जाने वाला होमस्टे या हॉलिडे फ़्लैट आम तौर पर इसी दायरे में देखा जाता है, लेकिन आपकी अपनी संपत्ति का वर्गीकरण — ख़ासकर अगर आप लंबी अवधि के किराएदार भी रखते हैं — किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से पक्का कर लें।

22 सितंबर 2025 से लागू दो स्लैब

17 सितंबर 2025 की अधिसूचना संख्या 15/2025-केंद्रीय कर (दर) 22 सितंबर 2025 से प्रभावी हुई और इसने आवास की प्रविष्टि बदल दी:

56वीं GST काउंसिल के फ़ैसलों पर वित्त मंत्रालय के FAQ दो बातें साफ़ करते हैं: ₹7,500 तक की यूनिट पर 5% दर अनिवार्य है, और ऐसी यूनिट पर ITC नहीं लिया जा सकता। सस्ते कमरे पर 18% और क्रेडिट चुनने की कोई छूट नहीं है।

"बिना ITC" का मालिक के लिए मतलब

इनपुट टैक्स क्रेडिट वह व्यवस्था है जिसमें रजिस्टर्ड कारोबार अपनी ख़रीदारी — फ़र्नीचर, चादरें-तौलिए, मरम्मत, सफ़ाई सेवा, सॉफ़्टवेयर — पर चुकाया GST, वसूले गए GST में से घटा लेता है। 5% वाले स्लैब में यह रास्ता बंद है। यानी ख़र्चों में छिपा GST सीधे आपकी लागत बन जाता है, और मुनाफ़े का हिसाब इसी आधार पर लगाना चाहिए। 18% वाले स्लैब में सामान्य शर्तों के साथ क्रेडिट मिलता है, इसलिए महँगी प्रॉपर्टी का हिसाब काग़ज़ पर अलग दिखता है।

दरें कैसे बदलीं

अगर कोई पुराना लेख 12% बताता है, तो वह सितंबर 2025 से पहले की स्थिति है।

कब आपकी जगह प्लेटफ़ॉर्म GST भरता है

CGST क़ानून की धारा 9(5) सरकार को यह अधिकार देती है कि कुछ सेवाओं पर टैक्स ई-कॉमर्स ऑपरेटर से वसूला जाए। 22 अगस्त 2017 की अधिसूचना संख्या 23/2017-केंद्रीय कर (दर) ने, अधिसूचना 17/2017 में संशोधन करके, आवास सेवा को इस सूची में जोड़ा। इसमें एक अहम अपवाद है: यह नियम तब लागू नहीं होता जब ऑपरेटर के ज़रिए सेवा देने वाला व्यक्ति धारा 22(1) के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए बाध्य हो।

₹7,500 की सीमा को सही पढ़ना

यह जाँच हर यूनिट के एक दिन के मूल्य पर होती है। तीन बेडरूम का विला एक यूनिट के रूप में देना और तीन अलग कमरे अलग-अलग देना — दोनों का हिसाब एक जैसा नहीं है। और दर पूरे मूल्य पर लगती है, इसलिए ₹7,600 के कमरे पर पूरे ₹7,600 पर 18% बनेगा। छूट, लंबे ठहराव के रेट या अतिरिक्त मेहमान का शुल्क मूल्य बदल सकते हैं; किसी एक स्लैब पर भरोसा करने से पहले अकाउंटेंट को अपनी रेट-संरचना दिखाएँ।

अकाउंटेंट से पूछने लायक़ सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

homestay pe kitna gst lagta hai?

₹7,500 प्रति यूनिट प्रति दिन तक 5% (बिना ITC) और उससे ऊपर 18% (ITC के साथ), 22 सितंबर 2025 से।

क्या ₹7,500 से सस्ते कमरे पर 18% और क्रेडिट चुन सकते हैं?

नहीं। वित्त मंत्रालय के FAQ के अनुसार ₹7,500 तक की यूनिट पर 5% बिना ITC अनिवार्य है।

छोटे मेज़बानों के लिए प्लेटफ़ॉर्म कब से GST भर रहे हैं?

ई-कॉमर्स ऑपरेटर के ज़रिए बिकने वाला आवास 22 अगस्त 2017 से धारा 9(5) में अधिसूचित है। मेज़बान अगर धारा 22(1) के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए बाध्य है, तो यह नियम लागू नहीं होता।

क्या पुरानी 12% दर अब भी लागू है?

नहीं। वह 18 जुलाई 2022 से 21 सितंबर 2025 तक ₹7,500 तक के आवास पर लागू थी।

स्रोत

अपडेट 27/09/2026 — नियम बदलते रहते हैं: हमेशा नवीनतम आधिकारिक पाठ देखें।

अपना घर किराये पर देने की सोच रहे हैं?

Hexuvium से मुफ़्त, बिना बाध्यता अनुमान — 2015 से शॉर्ट-टर्म रेंटल का प्रबंधन। WhatsApp पसंद है? अपना नंबर छोड़ें, हम वहीं जवाब देंगे।

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