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घर को रात के हिसाब से किराए पर देना: GST और इनकम टैक्स की पूरी तस्वीर

मेहमानों से मिलने वाली रकम पर दो अलग टैक्स लग सकते हैं — ठहरने पर GST और आपकी कमाई पर इनकम टैक्स। हमने दोनों को आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर आसान भाषा में समझाया है।

मुंबई
फ़ोटो : मुंबई — Rutiknatekar, CC BY-SA 4.0, Wikimedia Commons

आप अपना फ़्लैट, विला या घर के कुछ कमरे Airbnb, Booking या सीधे जान-पहचान से कुछ रातों के लिए किराए पर देते हैं, तो उस आमदनी पर दो अलग-अलग क़ानून लागू हो सकते हैं। GST मेहमान के ठहरने को एक सेवा मानकर उस पर टैक्स की बात करता है। इनकम टैक्स यह देखता है कि मालिक के हाथ में जो कमाई बची, उस पर कितना टैक्स बनता है। दोनों के विभाग अलग, सीमाएँ अलग और रिटर्न भी अलग हैं। हम बरसों से मकान-मालिकों के साथ काम कर रहे हैं और सबसे ज़्यादा उलझन इन्हीं दोनों को एक समझ लेने से होती है।

यह साइट सिर्फ़ नियम समझाती है। आपके अपने मामले में क्या करना सही है, यह चार्टर्ड अकाउंटेंट ही बता सकते हैं, क्योंकि वे आपके आँकड़े, मालिकाना हक़ और काम करने का तरीक़ा देखकर राय देते हैं।

दो टैक्स, दो सवाल

GST दर: हर यूनिट के एक दिन के मूल्य से तय

22 सितंबर 2025 से, 56वीं GST काउंसिल बैठक के बाद जारी अधिसूचना संख्या 15/2025-केंद्रीय कर (दर) के अनुसार, ठहरने की सेवा पर दो स्लैब हैं:

रुपयों में उदाहरण: ₹6,000 बनाम ₹9,000 प्रति रात

मान लीजिए मेज़बान पर GST वसूलना लागू है और मेहमान तीन रात रुकता है। नीचे सिर्फ़ ऊपर बताई गई दो दरें लगाई गई हैं, कोई और शुल्क नहीं।

ध्यान दें: ₹7,500 से थोड़ा भी ऊपर का रेट पूरी रकम को 18% वाले स्लैब में ले जाता है, सिर्फ़ ऊपर वाले हिस्से को नहीं। इसलिए इस सीमा के आसपास रेट रखने से पहले हिसाब ज़रूर लगाएँ।

प्लेटफ़ॉर्म से बुकिंग हो तो GST कौन भरता है

CGST क़ानून की धारा 9(5) के तहत 22 अगस्त 2017 से ई-कॉमर्स ऑपरेटर के ज़रिए बिकने वाली ठहरने की सेवा पर GST ऑपरेटर (प्लेटफ़ॉर्म) चुकाता है — सिवाय उस स्थिति के जब मेज़बान ख़ुद धारा 22(1) के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए बाध्य हो। यानी सीमा से नीचे वाला छोटा मेज़बान प्लेटफ़ॉर्म बुकिंग पर ख़ुद GST नहीं वसूलता; सीमा पार करने वाला मेज़बान वसूलता है।

रजिस्ट्रेशन की सीमा

सेवा देने वालों के लिए कुल टर्नओवर (aggregate turnover) की सीमा ₹20 लाख है, और मणिपुर, मिज़ोरम, नागालैंड व त्रिपुरा में ₹10 लाख। यह टर्नओवर एक ही PAN पर पूरे भारत के आधार पर जोड़ा जाता है।

इनकम टैक्स, संक्षेप में

1 अप्रैल 2026 से आयकर अधिनियम, 2025 लागू है, जो टैक्स ईयर (1 अप्रैल से 31 मार्च) की भाषा बोलता है। किराए की कमाई आम तौर पर मकान संपत्ति से आय में आती है, जहाँ शुद्ध वार्षिक मूल्य पर 30% की मानक कटौती मिलती है। सेवाओं वाला होमस्टे चलाने वाले कुछ लोग इसे व्यापार की आय मानते हैं। 2025 से क़ानून साफ़ कहता है कि मालिक द्वारा रिहायशी मकान किराए पर देना व्यापार की आय नहीं है, पर जहाँ असली मेहमाननवाज़ी की सेवाएँ दी जाती हैं, वहाँ तथ्य देखकर ही राय बनती है।

हम क्या नहीं करते

हम टैक्स सलाह नहीं देते, रिटर्न नहीं भरते और किसी बचत का वादा नहीं करते। राज्य स्तर का होमस्टे रजिस्ट्रेशन और स्थानीय लाइसेंस अलग विषय हैं। रेट तय करने या आय घोषित करने से पहले किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से बात करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

airbnb pe gst lagta hai kya?

तभी, जब आप GST रजिस्ट्रेशन के लिए बाध्य हों — मोटे तौर पर कुल टर्नओवर ₹20 लाख (चार पूर्वोत्तर राज्यों में ₹10 लाख) पार होने पर। इससे नीचे, प्लेटफ़ॉर्म से हुई बुकिंग पर GST धारा 9(5) के तहत प्लेटफ़ॉर्म भरता है।

₹7,500 प्रति रात वाले कमरे पर कितना GST लगेगा?

5%, बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट के। 18% की दर ₹7,500 प्रति यूनिट प्रति दिन से ऊपर ही लागू होती है।

किराए की कमाई किराया मानी जाएगी या बिज़नेस इनकम?

आम तौर पर मकान संपत्ति से आय, और 2025 से रिहायशी मकान के लिए क़ानून यह साफ़ कहता है। असली होटल जैसी सेवाओं के मामले में तथ्य देखकर चार्टर्ड अकाउंटेंट ही बता सकते हैं।

क्या Hexuvium टैक्स सलाह देता है?

नहीं। हम नियम समझाते हैं ताकि आप अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से सही सवाल पूछ सकें।

स्रोत

अपडेट 27/09/2026 — नियम बदलते रहते हैं: हमेशा नवीनतम आधिकारिक पाठ देखें।

अपना घर किराये पर देने की सोच रहे हैं?

Hexuvium से मुफ़्त, बिना बाध्यता अनुमान — 2015 से शॉर्ट-टर्म रेंटल का प्रबंधन। WhatsApp पसंद है? अपना नंबर छोड़ें, हम वहीं जवाब देंगे।

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